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    विश्व स्तनपान सप्ताह के पंचम दिवस पर पोषण पुनर्वास केंद्र में कुपोषण से मुक्ति का सबसे बड़ा आधार -मां का दूध

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    बुरहानपुर। विश्व स्तनपान सप्ताह 2026 के पंचम दिवस पर श्रीमान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं श्रीमान सिविल सर्जन सह अधीक्षक जिला चिकित्सालय बुरहानपुर के मार्गदर्शन में जिला चिकित्सालय बुरहानपुर के पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में भर्ती कुपोषित बच्चों की माताओं एवं उनके परिजनों के लिए विशेष जागरूकता एवं स्वास्थ्य शिक्षा सत्र का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में माताओं को बताया गया कि जन्म के प्रथम छह माह तक केवल माँ का दूध ही शिशु के लिए संपूर्ण एवं सर्वोत्तम आहार है। स्तनपान न केवल शिशु को आवश्यक पोषण प्रदान करता है, बल्कि उसे संक्रमणों से बचाने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने तथा कुपोषण से सुरक्षित रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।विशेष रूप से यह समझाया गया कि कुपोषित बच्चों के पोषण सुधार में भी नियमित एवं सही तरीके से कराया गया स्तनपान अत्यंत लाभकारी है। माताओं को शिशु को सही स्थिति (Positioning) एवं सही तकनीक (Attachment) से स्तनपान कराने का व्यवहारिक प्रदर्शन कर जानकारी दी गई, जिससे शिशु को पर्याप्त दूध मिल सके और उसके शारीरिक एवं मानसिक विकास में सहायता मिले।कार्यक्रम में सीसीपी, एफसीसी एवं पीएमएच के अंतर्गत माँ और शिशु के भावनात्मक जुड़ाव (Bonding) के महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बताया गया कि स्तनपान केवल पोषण का माध्यम नहीं, बल्कि माँ और शिशु के बीच विश्वास, सुरक्षा एवं स्नेह का मजबूत आधार है, जो बच्चे के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता है।कार्यक्रम में पोषण पुनर्वास केंद्र प्रभारी श्रीमती रश्मि थावानी, कार्यक्रम समन्वयक श्रीमती सीमा डेविड, एम.एच कोऑर्डिनेटर ज्योति नागले, सोनाली, रेखा ,श्वेता कुमरे नर्सिंग ऑफिसर, एसएनसीयु युनिट की टीम तथा पोषण पुनर्वास केंद्र के समस्त स्टाफ की सक्रिय सहभागिता रही। इस अवसर पर भर्ती बच्चों की माताएँ एवं उनके परिजन भी उपस्थित रहे।*कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य*– “**स्तनपान को प्राथमिकता देकर कुपोषण को रोकना, प्रत्येक बच्चे को स्वस्थ जीवन की मजबूत शुरुआत देना तथा परिवारों में स्तनपान के प्रति सकारात्मक व्यवहार विकसित करना” रहा।

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